जब आंखों से पानी बहने लगे, नाक बहने लगे और छींकें रुकने का नाम न लें, तो ज़्यादातर लोग तुरंत Cetzine या Allegra की गोली उठा लेते हैं। लेकिन एक और रास्ता भी है: प्राकृतिक उपचारों का एक सेट जो शरीर को एलर्जी से निपटने में सहारा देता है, वह भी बिना दिनभर की नींद या सुस्ती के।
एलर्जी होती क्यों है
एलर्जी असल में कोई संक्रमण नहीं है, बल्कि इम्यून सिस्टम की एक ओवर-रिएक्शन है, जो पराग (पॉलन), धूल-मिट्टी और पालतू जानवरों के बालों जैसे बेहद मामूली कणों के खिलाफ शरीर दिखाता है। जब शरीर इन कणों को खतरा मान लेता है, तो हिस्टामिन रिलीज़ होता है, जो खुजली, नाक बंद होने और लगातार छींकों की वजह बनता है। नींद की कमी, तनाव और मौसम बदलने से जब शरीर की इम्यूनिटी की "ज़मीन" कमज़ोर पड़ती है, तो यह ओवर-रिएक्शन और बढ़ जाता है। यानी एलर्जी एक ज़्यादा प्रतिक्रिया है, कोई बीमारी नहीं, इसलिए तेज़ एंटीहिस्टामिन से लक्षणों को दबाने की बजाय शरीर को हल्का सहारा देना अक्सर ज़्यादा कारगर तरीका माना जाता है।
आपकी नेचुरल किट - क्या चुनें
Cetzine या Allegra सीधे उठाने से पहले, कई लोग जर्मनी की प्रतिष्ठित Heel रेंज के होम्योपैथिक कॉम्बिनेशन को आज़माना पसंद करते हैं, हर एक अलग लक्षण के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है:
- Luffa Compositum: पारंपरिक रूप से इसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब नाक एक साथ बहती भी हो, बंद भी हो और लगातार छींकें भी आ रही हों।
- Euphorbium Compositum: होम्योपैथिक प्रैक्टिस में इसे सूखी और बंद नाक को आराम देने से जोड़ा जाता है।
- Naso-Heel: साइनस में जमाव और चेहरे पर भारीपन महसूस होने पर लोग अक्सर इसका सहारा लेते हैं।
- Engystol N: एलर्जी के मौसम में इम्यून सिस्टम को व्यापक सहारा देने के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होता है।
ये कॉम्बिनेशन शरीर को उस तरह "सुस्त" नहीं करते जैसा कुछ केमिकल एंटीहिस्टामिन कभी-कभी कर देते हैं, बल्कि शरीर के प्राकृतिक डिफेंस के साथ मिलकर काम करने के लिए जाने जाते हैं।
छोटी-छोटी आदतें, बड़ा फर्क
नेचुरल सहारे के साथ-साथ, रोज़मर्रा की कुछ आसान आदतें भी लक्षणों को काफी हद तक कम कर सकती हैं:
- बाहर से घर लौटते ही चेहरा और बाल धो लें, ताकि पराग और धूल त्वचा और बालों पर चिपकी न रहे, खासकर वसंत के मौसम में जब हवा में पराग ज़्यादा होता है।
- पराग सबसे ज़्यादा फैलने के समय, खासकर दोपहर बाद, खिड़कियां बंद रखें।
- बाहर निकलते समय बड़े, चौड़े फ्रेम वाला सनग्लासेज़ पहनें ताकि आंखों में पराग कम जाए।
- अपने पालतू कुत्ते या बिल्ली को बाहर घुमाने के बाद गीले कपड़े से पोंछ दें, क्योंकि वे भी पराग घर के अंदर ले आते हैं।
निष्कर्ष
एलर्जी को मैनेज करने का मतलब यह नहीं कि बहती नाक की जगह सुस्ती और झपकी आ जाए। हल्के प्राकृतिक सहारे के साथ कुछ आसान रोज़मर्रा की आदतें अपनाकर, आप बिना दिमाग को धुंधला किए एलर्जी के लक्षणों को संभाल सकते हैं। एलर्जी के मौसम के लिए और प्राकृतिक विकल्प जानने के लिए United Remedies की रेंज देखें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्य से है और यह किसी योग्य चिकित्सक की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी उपचार शुरू करने से पहले कृपया किसी योग्य होम्योपैथिक या चिकित्सा विशेषज्ञ से सलाह लें, और इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखें।