Description
संकेत: शिरापरक ठहराव, वैरिकोज़ नसें, बवासीर, वैरिकोज़ एक्ज़िमा।
संघटन: 100 g में निहित: Aesculus hippocastanum D2 100 g। इसमें 40 आयतन-% अल्कोहल है।
खुराक: सामान्यतः 10 बूंदें दिन में 3 बार।
औषधीय एवं नैदानिक टिप्पणियाँ
Aesculus hippocastanum (हॉर्स चेस्टनट)
परिधीय परिसंचरण, लसीका प्रवाह, केशिका क्रिया को नियंत्रित करता है। Aesculus-Heel के मामले में, वैरिकोज़ नसों, शिरापरक ठहराव, वैरिकोज़ एक्ज़िमा, बवासीर, cutis marmorata, शीतदंश (chilblains), acroparesthesia, हाथों की सुन्नता के साथ rachialgia और कमर दर्द (त्रिक दर्द के साथ-साथ गहरी बवासीर से फैलने वाला छर्रे जैसा दर्द) के उपचार हेतु चिकित्सीय संभावनाएँ उत्पन्न होती हैं। Aesculus-Injeel और forte के भी वही संकेत हैं। परिसंचरण संबंधी विकारों में, निम्नलिखित मिश्रण अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ है: Aesculus-Heel, Arnica-Heel और Arteria-Heel, दिन में 3 बार 10-15 बूंदें। वैरिकोज़ नसों और शिरापरक ठहराव के लिए Cruroheel S को वैकल्पिक उपचार के रूप में उपयोग किया जाता है।
Aesculus-Heel शिरापरक संवहनी तंत्र पर कार्य करता है, साथ ही संवेदनशीलता (स्पाइनल तंत्रिका की जड़ों) को प्रभावित करता है, और इस प्रकार बवासीर, वैरिकोज़ नसों, शिरापरक ठहराव और rachialgia पर कार्य करता है; परिधीय परिसंचरण संबंधी विकारों के मामले में मस्तिष्कीय परिसंचरण में भी सुधार करता है। खुराक को रोग, लक्षणों और रोग की अवस्था के अनुसार समायोजित किया जाता है: दिन में 3-4 बार 10 बूंदें; तीव्र विकारों या दर्दनाक स्थितियों में (Colocynthis-Homaccord के साथ वैकल्पिक रूप से) सघन प्रारंभिक-खुराक चिकित्सा: सुधार होने तक हर 15 मिनट में 10 बूंदें।
Description
संकेत: शिरापरक ठहराव, वैरिकोज़ नसें, बवासीर, वैरिकोज़ एक्ज़िमा।
संघटन: 100 g में निहित: Aesculus hippocastanum D2 100 g। इसमें 40 आयतन-% अल्कोहल है।
खुराक: सामान्यतः 10 बूंदें दिन में 3 बार।
औषधीय एवं नैदानिक टिप्पणियाँ
Aesculus hippocastanum (हॉर्स चेस्टनट)
परिधीय परिसंचरण, लसीका प्रवाह, केशिका क्रिया को नियंत्रित करता है। Aesculus-Heel के मामले में, वैरिकोज़ नसों, शिरापरक ठहराव, वैरिकोज़ एक्ज़िमा, बवासीर, cutis marmorata, शीतदंश (chilblains), acroparesthesia, हाथों की सुन्नता के साथ rachialgia और कमर दर्द (त्रिक दर्द के साथ-साथ गहरी बवासीर से फैलने वाला छर्रे जैसा दर्द) के उपचार हेतु चिकित्सीय संभावनाएँ उत्पन्न होती हैं। Aesculus-Injeel और forte के भी वही संकेत हैं। परिसंचरण संबंधी विकारों में, निम्नलिखित मिश्रण अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ है: Aesculus-Heel, Arnica-Heel और Arteria-Heel, दिन में 3 बार 10-15 बूंदें। वैरिकोज़ नसों और शिरापरक ठहराव के लिए Cruroheel S को वैकल्पिक उपचार के रूप में उपयोग किया जाता है।
Aesculus-Heel शिरापरक संवहनी तंत्र पर कार्य करता है, साथ ही संवेदनशीलता (स्पाइनल तंत्रिका की जड़ों) को प्रभावित करता है, और इस प्रकार बवासीर, वैरिकोज़ नसों, शिरापरक ठहराव और rachialgia पर कार्य करता है; परिधीय परिसंचरण संबंधी विकारों के मामले में मस्तिष्कीय परिसंचरण में भी सुधार करता है। खुराक को रोग, लक्षणों और रोग की अवस्था के अनुसार समायोजित किया जाता है: दिन में 3-4 बार 10 बूंदें; तीव्र विकारों या दर्दनाक स्थितियों में (Colocynthis-Homaccord के साथ वैकल्पिक रूप से) सघन प्रारंभिक-खुराक चिकित्सा: सुधार होने तक हर 15 मिनट में 10 बूंदें।